हुंडई मोटर इंडिया को उम्मीद है कि अगले साल सेमीकंडक्टर की कमी की समस्या में सुधार होगा और प्रतिस्पर्धी परिदृश्य की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी क्योंकि कंपनी को वर्तमान में उत्पादन संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। घरेलू बाजार में यात्री वाहन बनाने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी को घरेलू निर्माताओं टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जो अपने नए एसयूवी मॉडल के दम पर आगे बढ़ रहे हैं।
इसके अलावा, मारुति सुजुकी ने नई ब्रेज़ा और ग्रैंड विटारा के लॉन्च के साथ अपनी एसयूवी योजनाओं को भी गति दी है।
त्योहारी सीजन से पहले लोकप्रिय एसयूवी क्रेटा और वेन्यू बनाने वाली कंपनी एचएमआईएल के पास 1.3 लाख ऑर्डर लंबित पड़े हैं।
हुंडई मोटर इंडिया के निदेशक (बिक्री, विपणन और सेवा) तरुण गर्ग ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘2022 में चिप का मुद्दा अधिक महत्वपूर्ण है, इसलिए मांग की वास्तविक स्थिति तभी सामने आएगी जब हम सेमीकंडक्टर आपूर्ति की बाधाओं के बिना उत्पादन करने में सक्षम होंगे और यह कुछ समय बाद होगा।’’
वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या कंपनी इस साल एसयूवी खंड में अग्रणी रह पाएगी, क्योंकि प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।
गर्ग ने कहा, “अभी यह अनुमान लगाना बहुत कठिन है…हमें लगता है कि आगे चलकर 2023 में स्थिति में सुधार होगा और तब वास्तविक मांग की स्थिति सामने आएगी।”
उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए मांग स्पष्ट रूप से आपूर्ति से अधिक है।
गर्ग ने कहा, “प्रतिस्पर्धा निश्चित रूप से बढ़ रही है। अधिक से अधिक मॉडल पेश किए जा रहे हैं…पिछले कुछ वर्षों में लॉन्च किए गए 80-90 प्रतिशत मॉडल एसयूवी क्षेत्र में हैं…यही वह क्षेत्र है जहां विकास हो रहा है।”
अप्रैल-जून तिमाही में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री 9,10,431 इकाई रही, जबकि वित्त वर्ष 22 की इसी अवधि में यह 6,46,272 इकाई थी।
हुंडई ने समीक्षाधीन अवधि में डीलरों को 1,35,295 इकाइयां भेजीं, टाटा मोटर्स ने 1,31,940 इकाइयां जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा ने जून तिमाही के दौरान 76,310 इकाइयां बेचीं।
गर्ग ने कहा कि हुंडई पिछले दो दशकों में देश में एक मजबूत ब्रांड छवि बनाने में सक्षम रही है।
उन्होंने कहा कि ऑटो निर्माता का दृढ़ विश्वास है कि जब तक वह भारत में तकनीकी नवाचार लाना जारी रखेगी, ग्राहक उसे अन्यों के मुकाबले प्राथमिकता देते रहेंगे।
इसके अलावा, कंपनी द्वारा डीजल कारों की पेशकश जारी रखना भी कंपनी के लिए सकारात्मक कारक है, जिनकी मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना जैसे विभिन्न राज्यों में बहुत मजबूत मांग है।
गर्ग ने कहा, “भारत एक ऐसा देश है, जहां भौगोलिक दृष्टि से डीजल (खंड) कुछ राज्यों में बहुत महत्वपूर्ण है… इन क्षेत्रों में मांग लगातार बढ़ रही है… यह अभी भी बहुत प्रासंगिक है… अभी भी एक बहुत मजबूत प्रस्ताव है…”
उन्होंने कहा कि समग्र एसयूवी खंड तेजी से बढ़ रहा है और अब 30 लाख की मजबूत घरेलू यात्री वाहन बाजार में इसका हिस्सा 41 प्रतिशत है।
त्योहारी सीजन की बिक्री के बारे में उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर की आपूर्ति में सुधार हुआ है, जिससे पिछले कुछ महीनों में इसके उत्पादन में लगातार वृद्धि हुई है।
गर्ग ने कहा, “हम इससे उत्साहित हैं और मांग बहुत मजबूत बनी हुई है। हमारा मानना है कि चिप आपूर्ति में सुधार के साथ हम त्यौहारी अवधि के दौरान कुछ बकाया पूरा कर सकेंगे।”