भारत और सिंगापुर ने डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्र में चार समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा।
सिंगापुर की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को संसद भवन पहुंचे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया।
उन्होंने सिंगापुर के समकक्ष लॉरेंस वोंग से मुलाकात की और दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच द्विपक्षीय बैठकें हुईं, जिसके बाद समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
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इससे भारत और सिंगापुर के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकियों जैसे डीपीआई, साइबर सुरक्षा, 5जी और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे सुपर-कंप्यूटिंग, क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
यह समझौता ज्ञापन डिजिटल डोमेन से संबंधित श्रमिकों के कौशल उन्नयन और पुनर्कौशलीकरण के लिए सहयोग को और सक्षम करेगा।
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सिंगापुर के व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय ने भारत-सिंगापुर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम साझेदारी पर एक अन्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत भारत और सिंगापुर सेमीकंडक्टर क्लस्टर के विकास, सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण में प्रतिभाओं के विकास के क्षेत्रों में सहयोग करेंगे।
उल्लेखनीय है कि सिंगापुर की कंपनियाँ, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखलाओं का हिस्सा हैं, भारत में निवेश करने की इच्छुक हैं। इस समझौता ज्ञापन के तहत स्थापित संवाद तंत्र भारत में उनके निवेश को सुगम बनाएगा।
तीसरे समझौता ज्ञापन पर भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग पर हस्ताक्षर किये गये।
यह समझौता आपसी हित के क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार पर संयुक्त प्रयासों को सुविधाजनक बनाएगा।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा और दवा क्षेत्र में मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देना भी है। यह सिंगापुर में भारतीय स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली के प्रयासों का पूरक होगा।
इसके अतिरिक्त, भारत के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और सिंगापुर के शिक्षा मंत्रालय ने शैक्षिक सहयोग एवं कौशल विकास पर एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।
इस समझौते का उद्देश्य तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारत और सिंगापुर कौशल विकास के क्षेत्र में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। यह समझौता ज्ञापन उन चल रही पहलों का पूरक होगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने संसद भवन में आगंतुक पुस्तिका पर भी हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने एक-दूसरे देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को सिंगापुर पहुंचे और आज वहां कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। (एएनआई)
