नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने आरजी कार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पीजी छात्रा के साथ हुए क्रूर बलात्कार और हत्या के बाद डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए एक केंद्रीय कानून बनाने सहित पांच मांगें रखीं।
आईएमए की मांगें
मांगें इस प्रकार हैं:
- नीतिगत स्तर पर डॉक्टरों और अस्पतालों पर हिंसा को स्वीकार करने में अनिच्छा को बदलना होगा। महामारी रोग अधिनियम 1897 में 2023 के संशोधनों को 2019 के अस्पताल संरक्षण विधेयक के मसौदे में शामिल करने वाला एक केंद्रीय अधिनियम मौजूदा 25 राज्य विधानों को मजबूत करेगा। कोविड महामारी के दौरान एक अध्यादेश की आवश्यकता है।
- सभी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था एयरपोर्ट से कम नहीं होनी चाहिए। अस्पतालों को अनिवार्य सुरक्षा अधिकार के साथ सुरक्षित क्षेत्र घोषित करना पहला कदम है। सीसीटीवी, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और प्रोटोकॉल का पालन किया जा सकता है।
- पीड़िता को 36 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती थी तथा आराम करने के लिए सुरक्षित स्थान और पर्याप्त विश्राम कक्षों का अभाव था, जिसके कारण रेजिडेंट डॉक्टरों के कार्य और रहन-सहन की स्थिति में व्यापक बदलाव की आवश्यकता थी।
- अपराध की समय-सीमा में सावधानीपूर्वक और पेशेवर जांच करके न्याय प्रदान करना। बर्बरता करने वाले गुंडों की पहचान करना और उन्हें कठोर दंड देना।
- शोकाकुल परिवार को दी गई क्रूरता के अनुरूप उचित एवं सम्मानजनक मुआवजा दिया जाना चाहिए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने पूरे देश में आधुनिक चिकित्सा के सभी डॉक्टरों द्वारा 24 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल शनिवार, 17 अगस्त को सुबह 6 बजे शुरू होगी और रविवार, 18 अगस्त को सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी। IMA की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आपातकालीन और आकस्मिक सेवाएँ चालू रहेंगी, लेकिन इस अवधि के दौरान कोई बाह्य रोगी विभाग (OPD) सेवाएँ या वैकल्पिक सर्जरी नहीं होंगी। IMA इस हड़ताल का आयोजन “अपने डॉक्टरों और बेटियों के लिए न्याय के इस संघर्ष में राष्ट्र की समझ और समर्थन की माँग करते हुए” कर रहा है।
