प्रतिष्ठित 'एम्बेसडर' कारों की पूर्व निर्माता कंपनी हिंदुस्तान मोटर्स (एचएम) अगले साल तक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के विनिर्माण के लिए एक यूरोपीय साझेदार के साथ एक नया संयुक्त उद्यम स्थापित करने की उम्मीद कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कंपनी बाद में इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन बनाने पर विचार कर सकती है।
हिंदुस्तान मोटर्स के निदेशक उत्तम बोस ने पीटीआई-भाषा को बताया कि दोनों कंपनियों की वित्तीय जांच-पड़ताल जुलाई में शुरू होगी, जिसमें दो महीने लगेंगे। इसके बाद संयुक्त उद्यम के तकनीकी पहलुओं पर गौर किया जाएगा और इसमें एक और महीना लगेगा।
उन्होंने कहा, “इसके बाद ही निवेश की संरचना पर निर्णय लिया जाएगा और नई कंपनी का गठन किया जाएगा तथा इसके 15 फरवरी तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।”
बोस ने कहा कि नई इकाई के गठन के बाद परियोजना का पायलट रन शुरू करने के लिए दो और तिमाहियों की आवश्यकता होगी, उन्होंने कहा कि अंतिम उत्पाद अगले वित्त वर्ष के अंत तक लॉन्च होने की संभावना है।
कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने कहा, “दोपहिया वाहन परियोजना के व्यावसायीकरण के दो साल बाद, चार पहिया ईवी के निर्माण पर निर्णय लिया जाएगा।”
बोस ने यह भी कहा कि उत्तरपाड़ा संयंत्र में भी सुधार करना होगा, क्योंकि कुछ नियंत्रण प्रणालियों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को भी बदलने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि एचएम देश में एकमात्र मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) है, जिसके पास अपनी फोर्जिंग, फाउंड्री और पेंट शॉप के साथ-साथ असेंबली और वेल्डिंग शॉप भी है, जिससे उत्तरपाड़ा सुविधा पूरी तरह से एकीकृत ऑटोमोबाइल प्लांट बन गई है।
हालांकि, कंपनी ने 2014 में 'एंबेसडर' कारों की मांग में कमी के कारण प्लांट बंद कर दिया और बाद में इस प्रतिष्ठित ब्रांड को 80 करोड़ रुपये की प्राप्ति पर फ्रांसीसी ऑटो निर्माता प्यूज़ो को बेच दिया। इसने अपने लग्जरी कार ब्रांड 'कॉन्टेसा' को भी एसजी मोबिलिटी को बेच दिया है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने एचएम को उत्तरपाड़ा प्लांट में करीब 314 एकड़ जमीन वैकल्पिक इस्तेमाल के लिए बेचने की अनुमति दी थी, जिसके बाद इस हिस्से को एक रियल एस्टेट डेवलपर को बेच दिया गया था। बोस ने कहा, “हिंदुस्तान मोटर्स अब मुनाफा कमा रही है और पूरी तरह कर्ज मुक्त कंपनी है।”
बोस ने कहा कि वर्तमान में कंपनी में लगभग 300 कर्मचारी हैं और नई परियोजना के लिए लोगों का चयन उनकी उपयुक्तता के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब व्यावसायिक उत्पादन शुरू होगा तो परियोजना में लगभग 400 लोगों को रोजगार मिलेगा।