नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने सोमवार को जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर कर की दर कम करने और कैंसर की दवाओं और नमकीन पर जीएसटी में कटौती करने के लिए मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन करने का फैसला किया। 54वीं जीएसटी परिषद की बैठक के नतीजों के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए सीतारमण ने कहा कि जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी दर पर विचार करने के लिए मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन करने का फैसला किया गया है।
मंत्री समूह की अध्यक्षता बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे, जो वर्तमान में जीएसटी दर युक्तिकरण संबंधी पैनल का नेतृत्व कर रहे हैं।
सीतारमण ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी पर विचार करने के लिए मंत्री समूह में नए सदस्य शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि मंत्री समूह अक्टूबर के अंत तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
बीमा प्रीमियम पर कर लगाने का मुद्दा संसद में चर्चा के दौरान उठा था, जिसमें विपक्षी सदस्यों ने मांग की थी कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट दी जाए। यहां तक कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस मुद्दे पर सीतारमण को पत्र लिखा था।
सीतारमण ने वित्त विधेयक पर चर्चा के जवाब में कहा था कि संग्रहित जीएसटी का 75 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को जाता है और विपक्षी सदस्यों को अपने राज्यों के वित्त मंत्रियों से जीएसटी परिषद में प्रस्ताव लाने के लिए कहना चाहिए।
जीएसटी परिषद ने सोमवार को अपनी बैठक में कैंसर की दवाओं पर कर की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने तथा नमकीन पर कर की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करने का निर्णय लिया।
सीतारमण ने आगे कहा कि क्षतिपूर्ति उपकर से संबंधित मुद्दे से निपटने के लिए एक मंत्री समूह का भी गठन किया जाएगा, जो मार्च 2026 के बाद समाप्त हो जाएगा।
परिषद ने दरों के युक्तिकरण और ऑनलाइन गेमिंग पर मंत्री समूह की स्थिति रिपोर्ट पर भी विचार-विमर्श किया।
मंत्री ने आगे कहा कि आईजीएसटी पर अतिरिक्त सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति बनाई जाएगी, जो वर्तमान में नकारात्मक शेष राशि का सामना कर रही है। यह समिति राज्यों से धन वापस लेने के तरीकों पर विचार करेगी।
