गोयल एल्युमिनियम्स ने उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए 200 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है।
कंपनी को इस परियोजना के लिए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) से 4,000 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है।
कंपनी के प्रवक्ता ने बुधवार को पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘गोयल एल्युमिनियम्स…200 करोड़ रुपये के निवेश से एक नया इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की तैयारी कर रही है।’’
हाल ही में, कंपनी ने नवगठित उद्यम व्रोली ई इंडिया के माध्यम से ईवी सेगमेंट में प्रवेश की घोषणा की।
प्रवक्ता ने कहा, “कम गति और इलेक्ट्रिक स्कूटर केवल घरेलू बाजार के लिए ही बनाए जाएंगे। कंपनी को इस साल अप्रैल में पहला हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (सीआईआरटी) से मंजूरी मिल चुकी है।”
जीएनआईडीए ने कंपनी को अपने औद्योगिक क्षेत्र में 4,000 वर्ग मीटर का प्लॉट नंबर 283 90 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर आवंटित किया है।
कंपनी की योजना 2024 तक ईवी सेगमेंट में 150 डीलरों को शामिल करने की है।
पिछले सप्ताह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि कैलेंडर वर्ष 2023 में अब तक देश में 2.78 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं।
गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश वाहन पोर्टल पर स्थानांतरित होने की प्रक्रिया में हैं और इसलिए उनके ईवी पंजीकरण पर डेटा आंशिक रूप से शामिल है, जबकि तेलंगाना और लक्षद्वीप का डेटा पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है।
पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का पंजीकरण 2021 में 3,29,808 से बढ़कर 2022 में 10,20,679 हो गया।
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