स्वीडिश निर्माता कंपनी वोल्वो ने शुक्रवार को कहा कि हैकरों ने साइबर हमले में उसके सिस्टम से अनुसंधान एवं विकास संबंधी डेटा चुरा लिया है।
चीन की गेली के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने कहा, “उसे पता चला है कि उसके एक फाइल रिपोजिटरी तक किसी तीसरे पक्ष ने अवैध रूप से पहुंच बना ली है।”
वोल्वो ने कहा, “अब तक की जांच से यह पुष्टि हुई है कि घुसपैठ के दौरान कंपनी की अनुसंधान एवं विकास संपत्ति की एक सीमित मात्रा चोरी हो गई है।”
इसने चेतावनी दी कि हैक से “कंपनी के संचालन पर असर पड़ सकता है”, जिससे स्टॉकहोम में इसका शेयर 3.5 प्रतिशत गिरकर 72.44 क्रोनर (लगभग 600 रुपये) पर आ गया।
लेकिन कंपनी ने यह भी कहा कि इससे उसके “ग्राहकों की कारों या उनके व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।”
गोटेबोर्ग स्थित वोल्वो वर्तमान में 2030 तक अपनी संपूर्ण रेंज को विद्युतीकृत करने में नकदी लगा रही है।
एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि कंपनी पर रैनसमवेयर का कोई असर नहीं पड़ा है तथा उसका डेटा पूरी तरह से उसके नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा कि एक “तीसरे पक्ष” ने सूचना चोरी के बारे में “हाल ही में” वोल्वो से संपर्क किया था, हालांकि उन्होंने आदान-प्रदान के बारे में कोई विवरण नहीं दिया।
1999 में वोल्वो ट्रक निर्माता वोल्वो ग्रुप से अलग हो गई, जिसे 2010 में गीली ने खरीद लिया।