फास्टैग जारीकर्ता एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर फास्टैग आधारित स्मार्ट पार्किंग समाधान सक्षम करने के लिए पार्क+ के साथ सहयोग किया है।
फास्टैग आधारित स्मार्ट पार्किंग समाधान हवाई अड्डे की पार्किंग में स्वचालित कैशलेस भुगतान को सक्षम बनाता है, जिससे पार्किंग क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सहज और समय कुशल हो जाती है।
पार्किंग शुल्क का भुगतान वाहन से जुड़े वैध फास्टैग के माध्यम से काटा जाता है, इस प्रक्रिया से भुगतान करने में लगने वाला समय कम हो जाता है।
एयरटेल पेमेंट्स बैंक और पार्क+ के बीच सहयोग की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा गया कि इसके साथ, स्थानीय निवासी अब वाराणसी हवाई अड्डे पर पार्किंग स्थल के भुगतान के लिए अपनी कार पर लगे फास्टैग का उपयोग कर सकते हैं।
दोनों संस्थाएं देश भर में प्रमुख पार्किंग स्थलों पर कतारों में लगने वाले समय को कम करके भुगतान प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं और जल्द ही यह सेवा अन्य शहरी हवाई अड्डों पर भी शुरू की जाएगी।
एयरटेल पेमेंट्स बैंक के मुख्य परिचालन अधिकारी गणेश अनंतनारायणन ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य ग्राहकों को सरल, सुरक्षित और निर्बाध भुगतान अनुभव प्रदान करना है।
अनंतनारायणन ने कहा, “इससे हवाईअड्डे के पार्किंग स्थलों पर बढ़ती भीड़ के बीच समय की काफी बचत होगी तथा यात्रा का अनुभव सुगम होगा।”
अमित लखोटिया द्वारा 2019 में स्थापित, पार्क+ कार मालिकों के लिए एक ऐप है जो पार्किंग, फास्टैग प्रबंधन, कार बीमा, स्वचालित वाहन अभिगम नियंत्रण प्रणाली और ईवी चार्जिंग स्टेशन से लेकर कार मालिकों के सामने आने वाली दैनिक चुनौतियों का समाधान करता है।
सिकोइया कैपिटल और मैट्रिक्स पार्टनर्स द्वारा समर्थित, पार्क+ 2,500 से अधिक आवासीय सोसाइटियों के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और मुंबई सहित 25 से अधिक भारतीय शहरों में कार्यालयों और मॉल में मौजूद है।
पार्क+ के संस्थापक और सीईओ अमित लखोटिया ने कहा, “पार्क+ उपयोगकर्ताओं के लिए कार स्वामित्व के अनुभव को बढ़ाने के लिए समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ साझेदारी करने के लिए सचेत प्रयास कर रहा है। इस रणनीति के हिस्से के रूप में, हम एयरटेल पेमेंट्स बैंक और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ सहयोग करने के लिए उत्साहित हैं, ताकि वाराणसी में हमारा फास्टैग सक्षम कैशलेस पार्किंग प्रबंधन सिस्टम लाया जा सके।”