यह विलय भारत में टैक्सी एग्रीगेटर्स के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
रॉयटर्स द्वारा | अपडेट किया गया: 29 जुलाई 2022 22:46 IST
उबर टेक्नोलॉजीज इंक और उसकी भारतीय प्रतिद्वंद्वी ओला ने शुक्रवार को मीडिया में आई उस रिपोर्ट का खंडन किया, जिसमें कहा गया था कि दोनों कंपनियां विलय के लिए बातचीत कर रही हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट दो सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि ओला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाविश अग्रवाल ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में उबर के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी।
उबर ने एक बयान में कहा, “यह रिपोर्ट गलत है। हम ओला के साथ विलय की बातचीत नहीं कर रहे हैं, न ही कभी कर चुके हैं।”
ओला के अग्रवाल ने ट्वीट किया, “बिलकुल बकवास। हम बहुत लाभ में हैं और अच्छी तरह से बढ़ रहे हैं। अगर कुछ अन्य कंपनियां भारत से अपना कारोबार बाहर निकालना चाहती हैं तो उनका स्वागत है! हम कभी विलय नहीं करेंगे।”
बिलकुल बकवास। हम बहुत लाभ कमा रहे हैं और अच्छी तरह से बढ़ रहे हैं। अगर कुछ अन्य कंपनियाँ भारत से अपना कारोबार बाहर निकालना चाहती हैं तो उनका स्वागत है! हम कभी विलय नहीं करेंगे। https://t.co/X3wC9HDrnr
— भाविश अग्रवाल (@bhash) 29 जुलाई, 2022
दोनों कम्पनियां अत्यधिक प्रतिस्पर्धी भारतीय बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही हैं और यात्रियों को प्रोत्साहन एवं छूट देने में अरबों रुपये खर्च कर चुकी हैं।
उबर ने जनवरी 2020 में अपना स्थानीय खाद्य वितरण व्यवसाय उबर ईट्स को ज़ोमैटो लिमिटेड को बेच दिया, जबकि ओला ने अपना किराना डिलीवरी व्यवसाय बंद कर दिया और हाल ही में अपने इलेक्ट्रिक वाहन उद्यम, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में अरबों डॉलर का निवेश किया है।
© थॉमसन रॉयटर्स 2022
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