राजस्थान सरकार ने गुरुवार को राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को वित्तीय प्रोत्साहन देने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की। नई राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहन नीति (आरईवीपी) के तहत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर कुल अंशदान के रूप में 40 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाई गई यह नीति आज (1 सितंबर) से शुरू होकर पांच साल तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2019-20 के बजट में ईवी नीति की घोषणा की।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी के हवाले से पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहन नीति (आरईवीपी) के क्रियान्वयन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। ईवी नीति आज से शुरू होकर पांच साल तक प्रभावी रहेगी। राज्य सरकार ने कथित तौर पर ईवी की खरीद पर योगदान के लिए 40 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इससे पहले 2019-20 के बजट में इस नीति की घोषणा की थी। इसके बाद इस साल 24 मई को मसौदा नीति को मंजूरी दी गई। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए एकमुश्त अंशदान और राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) के लिए 40 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी दी है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार दोपहिया वाहनों के लिए 5,000 से 10,000 रुपये तक की एसजीएसटी राशि की प्रतिपूर्ति करेगी। तिपहिया वाहनों की खरीद के लिए वाहन की बैटरी क्षमता के आधार पर 10,000 से 20,000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
इस बीच, परिवहन विभाग को इलेक्ट्रिक वाहन खरीद से संबंधित सभी लंबित बकाये का भुगतान करने के लिए कथित तौर पर 40 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
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