संसद को गुरुवार को बताया गया कि इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी किसी अन्य तकनीकी अनुप्रयोग की तरह साइबर हमलों और साइबर सुरक्षा घटनाओं के प्रति संवेदनशील हैं।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर में, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In), जिसे भारत में साइबर सुरक्षा घटनाओं को ट्रैक और मॉनिटर करने का अधिकार है, को इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों से संबंधित उत्पादों और अनुप्रयोगों में कमजोरियों की रिपोर्ट मिली थी।
गडकरी ने कहा, “सरकार विभिन्न साइबर सुरक्षा खतरों के प्रति पूरी तरह सजग और जागरूक है तथा हैकिंग की समस्या से निपटने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है।”
उन्होंने कहा कि सीईआरटी-इन द्वारा रिपोर्ट की गई और ट्रैक की गई जानकारी के अनुसार, 2018, 2019, 2020, 2021 और 2022 के दौरान साइबर सुरक्षा घटनाओं की संख्या क्रमशः 2,08,456; 3,94,499; 11,58,208; 14,02,809 और 13,91,457 है।
एक अलग प्रश्न का उत्तर देते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में फरवरी तक हिट एंड रन मामलों के पीड़ितों को मुआवजे के रूप में 147 लाख रुपये वितरित किए गए।
मंत्रालय ने हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुआवजा योजना, 2022 को अधिसूचित कर दिया है।
इसमें हिट-एंड-रन दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए मुआवजे में वृद्धि का प्रावधान है, जिसमें 50,000 रुपये (गंभीर चोट के मामले में) और 2,00,000 रुपये (मृत्यु के मामले में) शामिल हैं, जिसमें इस मुआवजे को प्राप्त करने की विस्तृत प्रक्रिया भी शामिल है।
एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए गडकरी ने कहा कि मंत्रालय ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों की तुलना में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए 12,200 किलोमीटर का उच्च लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण का लक्ष्य अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है।’’
मंत्री ने बताया कि 21,864 करोड़ रुपये की लागत वाली 19 परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण विलंबित हैं।