मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को कहा कि गोवा में जनवरी 2024 से सभी नए पर्यटक वाहन, साथ ही किराए पर उपलब्ध कराए जाने वाले कैब और मोटरबाइक इलेक्ट्रिक वाहन होंगे।
पणजी में भारत की जी-20 अध्यक्षता में चल रही चौथी ऊर्जा परिवर्तन कार्य समूह की बैठक के दौरान नीति आयोग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सावंत ने कहा कि गोवा सरकार तटीय राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़े सुधारों का प्रस्ताव कर रही है।
इस अवसर पर भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत भी उपस्थित थे।
सावंत ने कहा कि किसी भी राज्य में खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के प्रतिशत के मामले में गोवा भारत में चौथे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष जनवरी से किराये पर उपलब्ध कराए जाने वाले सभी नए पर्यटक वाहन, कैब और मोटरबाइक अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहन होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जनवरी 2024 से सरकार द्वारा खरीदे जाने वाले नए वाहन अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहन होंगे।
सावंत ने कहा, “कई पर्यटक टैक्सियों, रेंट-ए-बाइक और रेंट-ए-कैब (सेवा) ऑपरेटरों वाले परमिट धारकों के लिए जून 2024 तक बेड़े के 30 प्रतिशत को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना अनिवार्य होगा।”
उन्होंने कहा कि गोवा में प्रति व्यक्ति वाहन स्वामित्व राष्ट्रीय औसत से 4.5 गुना अधिक है।
वाहन घनत्व के मामले में गोवा दुनिया में 15वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि वैश्विक पर्यटन केंद्र होने के कारण, राज्य की 15 लाख की आबादी के मुकाबले हर साल 85 लाख से अधिक पर्यटक गोवा आते हैं।
सावंत ने कहा, “पर्यटकों को लाने-ले जाने के लिए बड़ी संख्या में टैक्सियों, किराये पर वाहन (सेवाओं) और बसों का उपयोग किए जाने के कारण राज्य में कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि हुई है।”
उन्होंने कहा कि एक हालिया अध्ययन के अनुसार, गोवा में उत्पन्न कुल कार्बन उत्सर्जन का 40 प्रतिशत वाहनों के संचालन के कारण होता है।
सावंत ने कहा कि गोवा सरकार ने एक योजना के तहत 1,679 इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 122 मिलियन रुपये (12.2 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
उन्होंने कहा, “योजना की शुरूआत के बाद, वाहनों की बिक्री प्रतिशतता 2022-23 में 0.2 प्रतिशत से बढ़कर 9.4 प्रतिशत हो गई।”
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