लंदन: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को कहा कि इस वर्ष अब तक अफ्रीका में लगभग 30,000 संदिग्ध एमपॉक्स मामले सामने आए हैं, जिनमें से अधिकांश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में हैं, जहां परीक्षण समाप्त हो चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य निकाय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उस समय पूरे महाद्वीप में संदिग्ध एमपॉक्स से 800 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कांगो के मध्य अफ़्रीकी पड़ोसी बुरुंडी में भी इसका प्रकोप बढ़ रहा है।
एमपॉक्स निकट संपर्क से फैल सकता है। आम तौर पर यह हल्का होता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह घातक होता है। यह आमतौर पर फ्लू जैसे लक्षण और शरीर पर मवाद से भरे घाव पैदा करता है।
डब्ल्यूएचओ के बयान में पिछले वर्षों के तुलनात्मक आंकड़े नहीं दिए गए हैं। अफ्रीकी संघ की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि 2023 में सात प्रभावित राज्यों से 14,957 मामले और 739 मौतें दर्ज की गईं – 2022 से नए मामलों में 78.5% की वृद्धि।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 15 सितम्बर तक अफ्रीका भर में 29,342 संदिग्ध मामले सामने आए तथा 812 मौतें हुईं।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अकेले अगस्त में दुनिया भर में कुल 2,082 पुष्ट मामले सामने आए, जो नवंबर 2022 के बाद से सबसे अधिक है।
शनिवार को विश्व बैंक के महामारी कोष ने कहा कि वह इस महामारी से लड़ने में मदद के लिए दस अफ्रीकी देशों को 128.89 मिलियन डॉलर देगा।
(जेनिफर रिग्बी की रिपोर्टिंग; एंड्रयू हेवेन्स द्वारा संपादन)
