मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि 2025 तक दिल्ली के 80 प्रतिशत बस बेड़े इलेक्ट्रिक होंगे। उन्होंने कहा कि ई-बसों के अधिग्रहण से राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण कम करने में काफ़ी मदद मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए रोडमैप साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार 2023 में 1,500 ऐसी बसें खरीदेगी और 2025 तक 6,380 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी।
राजघाट डिपो में 50 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर आयोजित एक समारोह में उन्होंने कहा, “हमारे पास अभी 300 इलेक्ट्रिक बसें हैं। दिल्ली की सड़कों पर फिलहाल 7,379 बसें चल रही हैं, जो पिछले 75 वर्षों में सड़कों पर चलने वाली बसों की सबसे अधिक संख्या है। कई वर्षों से नई बसें नहीं खरीदी गईं और इस पर हमसे सवाल भी किए गए।”
उन्होंने बताया कि 7,379 बसों में से 4,000 से अधिक बसें दिल्ली परिवहन निगम द्वारा तथा 3,000 से अधिक बसें डीआईएमटीएस द्वारा संचालित की जा रही हैं।
केजरीवाल ने यह भी बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा करीब 100 इलेक्ट्रिक फीडर बसें चलाई जा रही हैं। लेकिन चूंकि वह उन्हें नहीं चला पा रही है, इसलिए दिल्ली सरकार कॉरपोरेशन के बस बेड़े को अपने अधीन ले रही है।
उन्होंने कहा, “2025 तक दिल्ली की सड़कों पर 10,000 से अधिक बसें होंगी और उनमें से 80 प्रतिशत इलेक्ट्रिक होंगी। प्रदूषण कम करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ई-बसों के लिए डिपो पर चार्जिंग प्वाइंट लगाने की प्रक्रिया चल रही है और तीन डिपो पर यह सुविधा पहले से ही मौजूद है।
केजरीवाल ने कहा, ''इस साल जून तक 17 बस डिपो का विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा और दिसंबर तक 36 बस डिपो का विद्युतीकरण हो जाएगा।'' इलेक्ट्रिक बसें पैनिक बटन, जीपीएस, कैमरे जैसी सुविधाओं से लैस हैं।